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गणेशोत्सव पर सजी सुरों की शानदार महफ़िल, ‘द गोल्डन बीट्स’ में गूंजे आशा भोंसले के सदाबहार नगमे
इंदौर, 21 सितंबर 2026। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर रेसकोर्स रोड स्थित लाभमंडपम सभागृह, अभय प्रशाल में ‘द गोल्डन बीट्स’ संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नाद ब्रह्म म्यूज़िकल ग्रुप की संयोजिका एवं संचालिका ममता मेहता के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के डॉक्टर, सीए, इंजीनियर, व्यवसायी और अन्य प्रोफेशनल्स ने अपनी गायकी से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आशा भोंसले के सदाबहार गीतों और उनकी गायकी के अलग-अलग रंगों को समर्पित प्रस्तुतियां रहीं। कलाकारों ने रोमांटिक, मस्ती भरे, भावपूर्ण और शास्त्रीय रंगों से सजे गीतों की प्रस्तुतियों के जरिए श्रोताओं को हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की यादों से रूबरू कराया। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
संगीतमय शाम की शुरुआत ‘तुम अगर साथ देने का वादा करो’ से हुई, जिसे डॉ. संजय भटनागर ने प्रस्तुत किया। इसके बाद सिद्धार्थ शुक्ला ने ‘परदा है परदा’, जौहरी आशुतोष कडेल ने ‘ओहरे ताल मिले नदी के जल में’, जबकि डॉ. मिताली श्रीमाल और डॉ. अमिताभ गोयल ने ‘हम तुम युग युग से ये गीत मिलन के’ की प्रस्तुति दी। मयंक खंडेलवाल ने ‘जादू तेरी नज़र, खुशबू तेरा बदन’ और डॉ. सुरेखा सोनी ने ‘सजनाजी वारी वारी जाऊं जी’ से समां बांधा।
कार्यक्रम में डॉ. अमिताभ गोयल ने ‘तारों में सज के अपने सूरज से’, जबकि सिद्धार्थ शुक्ला, मयंक खंडेलवाल, डॉ. मिताली श्रीमाल और आशा ने मिलकर ‘बोले चूड़ियां, बोले कंगना’ प्रस्तुत किया। आशा और सिद्धार्थ ने ‘सजदा’, डॉ. संजय भटनागर और आशा ने ‘दीवाना मस्ताना हुआ दिल’, वहीं डॉ. सुरेखा सोनी ने ‘निगाहें मिलाने को जी चाहता है’ प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
इसके बाद आशुतोष कडेल और आशा ने ‘तुमसे मिलकर ऐसा लगा’, डॉ. मिताली श्रीमाल ने ‘दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए’, जबकि डॉ. अमिताभ गोयल और डॉ. सुरेखा सोनी ने ‘ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा’ प्रस्तुत किया। मयंक खंडेलवाल और आशा ने ‘एक हसीना थी, एक दीवाना था’, वहीं सिद्धार्थ और आशा ने ‘उड़े जब जब ज़ुल्फें तेरी’ तथा ‘हाय रे हाय, ये तेरे हाथ में मेरा हाथ’ जैसे गीतों से माहौल को खुशनुमा बना दिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से तैयार किया गया आशा भोंसले पावरपैक ट्रायो भी आकर्षण का केंद्र रहा। डॉ. अमिताभ गोयल की ड्रमिंग के साथ सुरेखा सोनी, मयंक खंडेलवाल, आशुतोष कडेल, डॉ. मिताली श्रीमाल, सिद्धार्थ शुक्ला और आशा ने ‘ओ हसीना ज़ुल्फों वाली जाने जहां’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ और ‘आ जा आ जा, मैं हूं प्यार तेरा’ जैसे गीतों की प्रस्तुति दी।
इसके बाद डॉ. मिताली श्रीमाल ने ‘ओ मेरे सोना रे सोना रे’, डॉ. अमिताभ गोयल और डॉ. सुरेखा सोनी ने ‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’, जबकि डॉ. अमिताभ गोयल की ड्रमिंग के साथ आशा ने ‘पिया तू अब तो आजा’ प्रस्तुत किया। डॉ. संजय भटनागर ने ‘इतना है तुमसे प्यार मुझे’, मिताली श्रीमाल और मयंक खंडेलवाल ने ‘सांसों को सांसों में ढलने दो ज़रा’ और डॉ. अमिताभ गोयल ने ‘किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार’ सुनाकर कार्यक्रम को भावपूर्ण रंग दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आशुतोष कडेल ने ‘बदन पे सितारे लपेटे हुए’ और ‘ज़िंदगी कैसी है पहेली हाय’, सिद्धार्थ शुक्ला ने ‘आज पुरानी राहों से, कोई मुझे आवाज़ न दे’, मयंक खंडेलवाल ने ‘गुलाबी आंखें जो तेरी देखी’, जबकि डॉ. अमिताभ गोयल और डॉ. मिताली श्रीमाल ने ‘एक प्यार का नगमा है’ प्रस्तुत किया। डॉ. संजय भटनागर ने ‘दुनिया उसी की, ज़माना उसी का’ के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम में पिंटू कसेरा एवं टीम ने संगीत संयोजन किया, जबकि स्वरांश पाठक एवं टीम ने कोरस के माध्यम से प्रस्तुतियों को प्रभावी बनाया। डॉ. अमिताभ गोयल ने ड्रमिंग के जरिए कई प्रस्तुतियों में विशेष ऊर्जा जोड़ी।
इस अवसर पर नाद ब्रह्म म्यूज़िकल ग्रुप की संयोजिका एवं संचालिका ममता मेहता ने कहा कि “संगीत हमारे लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने का माध्यम है। ‘द गोल्डन बीट्स’ के जरिए हमारा प्रयास रहा कि सदाबहार गीतों को नई पीढ़ी और संगीत प्रेमियों के बीच एक बार फिर उसी आत्मीयता के साथ प्रस्तुत किया जाए। शहर के प्रोफेशनल्स ने जिस उत्साह और समर्पण के साथ प्रस्तुतियां दीं, वह इस शाम को यादगार बनाने वाला रहा। इस सफल आयोजन के लिए सभी का खूब खूब आभार। “


